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सुबह उठने के साथ ही पढ़ें महादेव की बताई ये 1 स्तुति,कुछ ही दिन में चमक सकती है किस्मत

बता दें कि रोज सुबह उठते ही कुछ शुभ काम करने का महत्व हमारे सभी धर्म-ग्रथों में बताया गया है। वामन पुराण के चतुर्दशोध्याय: 21 से 25 श्लोक में स्वयं महादेव ने एक स्तुति का वर्णन किया है।

ये स्तुति शुभ फल देने वाली, बुरे समय को दूर कर लाभ प्रदान करने वाली और भाग्य चमकाने वाली है। महादेव के अनुसार जो भी मनुष्य सुबह उठते ही इस स्तुति का पाठ करता है, उसका बुरे से बुरे समय खत्म हो सकता है।

स्तुति-

ब्रह्मा मुरारिरित्रपुरान्कारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्र्च।
गुरुश्र्च शुक्र: सह भानुजेन कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।।

भृगुर्वसिष्ठ: क्रतुरडिराश्र्च मनु: पुलस्त्य: पुलद्ध: सगौतम: ।
रैभ्यो मरीचिश्चयवनो ऋभुश्र्च कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।।

सनत्कुमार: सनक: सनन्दन: सनातनोप्यासुरिपिडलौ च।
सप्त स्वरा: सप्त रसातलाश्र्च कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।।

अर्थ-

ब्रह्मा, विष्णु, शंकर ये देवता तथा सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनैश्चय ये ग्रह- सभी मेरी सुबह और दिन को मंगलमय बनाएं। भृगु, वसिष्ठ, क्रतु, अडिग्रा, मनु, पुलस्त्य, पुलह, गौतम, रैभ्य, मरीच, च्यवन और ऋभु- ये सभी ऋषि मेरी सुबह और दिन को मंगलमय बनाएं।

सनत्कुमार, सनक, सन्नदन, सनातन, आसुरि, पिडग्ल, सातों शर और सातों रसातल- ये सभी मेरी सुबह और दिन को मंगलमय बनाएं।

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