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कुंडली में शुक्र के अशुभ फल से बचने के लिए शुक्रवार को अपनाएं ये 28 उपाय

अगर जन्म कुंडली में शुक्र अपनी दशा में अशुभ फल दे रहा है तो ऐसे में आपको कुछ सरल उपाय करने होंगे। इन उपायों को करने के बाद आपको अशुभ फलों से मुक्ति मिलेगी और घर के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल स्थापित होगा।

लिंग पुराण के अनुसार सबसे उत्तम व श्रेष्ठ ग्रह है शुक्र ग्रह क्योंकि इस भौतिक संसार में हर चीज शुक्र से जनित है। हर प्रकार के भौतिक सुख देने वाला शुक्र ग्रह ही है अतः शुक्र ग्रह का कुंडली में बलिष्ट होना बहुत आवश्यक है। ग्रहों में शुक्र को विवाह व वाहन का कारक ग्रह कहा गया है (इसलिये वाहन दुर्घटना से बचने के लिये भी ये उपाय किये जा सकते है। शुक्र ग्रह के उपाय करने से वैवाहिक सुख की प्राप्ति की संभावनाएं बनती है। वाहन से जुडे मामलों में भी यह उपाय लाभकारी रहते है।

शुक्र ग्रह को इन उपायों से करें प्रसनन

1. ग्रह की वस्तुओं से स्नान करना उपायों के अन्तर्गत आता है। शुक्र का स्नान उपाय करते समय जल में बडी इलायची डालकर उबाल कर इस जल को स्नान के पानी में मिलाया जाता है, इसके बाद इस पानी से स्नान किया जाता है. स्नान करने से वस्तु का प्रभाव व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रुप से पडता है तथा शुक्र के दोषों का निवारण होता है।

2. यह उपाय करते समय व्यक्ति को अपनी शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए तथा उपाय करने की अवधि के दौरान शुक्र देव का ध्यान करने से उपाय की शुभता में वृ्द्धि होती है। इसके दौरान शुक्र मंत्र का जाप करने से भी शुक्र के उपाय के फलों को सहयोग प्राप्त होता है ।

3. शुक्र की दान देने वाली वस्तुओं में घी व चावन का दान किया जाता है। इसके अतिरिक्त शुक्र क्योकि भोग-विलास के कारक ग्रह है। इसलिये सुख- आराम की वस्तुओं का भी दान किया जा सकता है। श्रंगार की वस्तुओं का दान भी इसके अन्तर्गत किया जा सकता है। दान क्रिया में दान करने वाले व्यक्ति में श्रद्धा व विश्वास होना आवश्यक है तथा यह दान व्यक्ति को अपने हाथों से करना चाहिए। दान से पहले अपने बड़ों का आर्शीवाद लेना उपाय की शुभता को बढाने में सहयोग करता है।

4. शुक्र के इस उपाय में निम्न श्लोक का पाठ किया जाता है।

“ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा”

शुक्र ग्रह के अशुभ गोचर की अवधि या फिर शुक्र की दशा में इस श्लोक का पाठ प्रतिदिन या फिर शुक्रवार के दिन करने पर इस समय के अशुभ फलों में कमी होने की संभावना बनती है। मुंह के अशुद्ध होने पर मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। ऎसा करने पर विपरीत फल प्राप्त हो सकते है।
शुक्र ग्रह के अन्य उपायों में शुक्र यन्त्र का निर्माण करा कर उसे पूजा घर में रखने पर लाभ प्राप्त होता है.

5. शुक्र यन्त्र की पहली लाईन के तीन खानों में 11,6,13 ये संख्याये लिखी जाती है. मध्य की लाईन में 12,10, 8 संख्या होनी चाहिए. तथा अन्त की लाईन में 07,14,9 संख्या लिखी जाती है. शुक्र यन्त्र में प्राण प्रतिष्ठा करने के लिये किसी जानकार पण्डित की सलाह ली जा सकती है. यन्त्र पूजा घर में स्थापित करने के बाद उसकी नियमित रुप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए.

6. अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ मंगलवार के दिन तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए। इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है।

7. यह उपाय उन व्यक्तियों को करना चाहिए। जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है। परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है। इस उपाय को करने के लिये शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें।

8. गुरूवार के दिन सुबह नित्यकर्म से निवृत्‍त होकर हल्दीयुक्त रोटियां बनाकर प्रत्येक रोटी पर गुड़ रखें व उसे गाय को खिलाएं । सात गुरूवार नियमित रूप से यह विधि करने से शीघ्र विवाह होता है ।

9. मंगलवार के दिन देवी-मंदिर में लाल गुलाब का फूल चढ़ाएं पूजन करें एवं मंगलवार का व्रत रखें । यह कार्य नौ मंगलवार तक करे । अंतिम मंगलवार को नौ वर्ष की नौ कन्याओं को भोजन करवाकर लाल वस्त्र, मेंहदी एवं यथाशक्ति दक्षिण दें, शीघ्र फल की प्राप्ति होगी ।

10. कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि नंद गोपसुतं देविपतिं में कुरू ते नम: । माँ कात्यायनि देवी या पार्वती देवी के फोटो को सामने रखकर जो कन्या पूजन कर इस कात्यायनि मंत्र की एक माला का जाप प्रतिदिन करती है , उस कन्या की विवाह बाधा शीघ्र दूर होती है ।

11. अगर कन्‍या की शादी में परेशानी हो रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयेंेंगी !

13. प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे ! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नजर आयेगी।

इन्‍हे भी आजमाएं।

14. किसी भी मंदिर में जाकर गाय का शुद्ध घी दान में दें।
काली चींटियों को शक्कर खिलाएं।

15. शुक्रवार के दिन सफेद गाय को गेहूं का आटा खिलाना चाहिए।

16. प्रति शुक्रवार गाय के दूध से स्नान करना भी एक अच्छा उपाय है।

17. किसी काने व्यक्ति को सफेद कपड़े या मिठाई का दान करें।

18. दस साल से छोट‍ी कन्या को भोजन कराएं तथा चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।

19. शुक्रवार को गाय को हरा चारा या ज्वार का चारा खिलाऐं।

20- शुक्रवार के दिन शरीर को स्वस्थ रखें, प्रातः स्नान करके इत्र का प्रयोग करे।

21- शुक्रवार को दूध, दही, घी, शक्कर, रेशमी कपड़े, कपूर आदि का दान करें।

22- अगर आप चाहें तो शुक्र से सम्बन्धित रत्न का दान भी कर सकते हैं।

23. – मनोकामना पूर्ति के लिए शुक्रवार के दिन ब्राह्मणों एवं गरीबों को दूध और चावल खिलाएं।

24- शुक्रवार के दिन किसी काने व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान का दान करना चाहिए।

25- किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय 10 वर्ष से कम आयु की कन्या का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें। ऐसा करना लाभप्रद होता है।

26- शुक्रवार के दिन गौ-दुग्ध से स्नान करें।

27- शुक्र के उपाय ऊँ शुं शुक्राय नमः मंत्र का जप करें।

28- चांदी का कड़ा पहनें। श्रीसूक्त का पाठ करें। इसके साथ ही शुक्रवार के दिन नेत्रहीन व्यक्तियों की सेवा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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