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देश में नफरत घोल रहा "जी न्यूज", NDTV में बिना दाढ़ी का दंगाई Zee News में बना दाढ़ी वाला, देखें सच - XtroGuru
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देश में नफरत घोल रहा “जी न्यूज”, NDTV में बिना दाढ़ी का दंगाई Zee News में बना दाढ़ी वाला, देखें सच

फर्जी खबर चलाने के लिए कुख्यात हो चुका जी न्यूज एक बार फिर पकड़ा गया है। जेएनयू मामले में डॉक्टर्ड वीडियो चलाने वाले जी न्यूज ने एक बार फिर देश का माहौल खबरा करने की कोशिश की है। 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा की वीडियो से भी जी न्यूज ने छेड़छाड़ की है।

जहां एक तरफ मीडिया इस बात पर चर्चा करने में लगा था कि हिंसा दलितों ने की या सवर्णों ने, वही जी न्यूज ने अपना मुस्लिम विरोधी एजेंडा साधे रखा। हिंसा के दौरान की एक वीडियो जिसमें एक युवक हाथ में बंदूक लिए हुए है, उस वीडियो से जी न्यूज ने छेड़छाड़ की है।

जी न्यूज की वीडियो में दिख रहा है कि जो युवक बंदूक लेकर हिंसा को अंजाम दे रहा है उसकी दाढ़ी इस्लाम को मानने वाले किसी व्यक्ति की तरह है।

(03:18 पर देखें)

जबकी हिंसा की इस वीडियो को NDTV पर भी दिखाया गया है लेकिन उस वीडियो में युवक की दाढ़ी वैसी नहीं है जैसा की जी न्यूज में दिखाया गया है। युवक की दाढ़ी बिल्कुल छोटी है। क्या जी न्यूज अपने डॉक्टर्ड वीडियो के माध्यम से पूरी हिंसा को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाना चाहता था?

(35वें सेकेंड पर देखें)

हैरानी की बात ये है कि इस तरह की डॉक्टर्ड वीडियो जी न्यूज ने अपने प्राइम टाइम शो DNA में दिखाया है। सुधीर चौधरी खुद इस वीडियो को एनालाइज कर रहे हैं।  वी़डियो को NDTV ने भी अपने प्राइम टाइम में ही दिखाया है लेकिन बिना डॉक्टर्ड किए और पूरी जिम्मदारी के साथ। ये वीडियो मध्य प्रदेश के ग्वालियर की है।

बता दें कि SC/SC एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव के विरोध में दलित संगठनों द्वारा 2 अप्रैल को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया। भारत बंद के दौरान लाखों की संख्या में दलित समाज के लोग सड़कों पर उतरे। कई राज्यों में हिंसा की घटनाएं भी हुई, 11 लोगों की मौत भी हुई।

मीडिया की सुर्खियां बनी ‘दलितों ने किया हिंसा’ लेकिन रिपोर्ट बताते हैं कि मरने वाले 11 लोगों में से 10 दलित समुदाय से ही थे, क्या कोई दलित अपने ही आंदोलन में अपने ही साथी को मार सकता है?

वरिष्ठ पत्रकार पिछले कई सालों से ये बताते आ रहे हैं कि मीडिया दलित और अल्पसंख्यक विरोधी है। इस बात का प्रमाण बड़े मीडिया घरानों की कवरेज देखकर मिलता है। हाल ही में कोबरापोस्ट ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में इस बात को साबित भी किया है।

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