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सुप्रीम कोर्ट में बोली BJP- हम 7 दिन में बहुमत साबित करने को तैयार. 5 बजे आ सकता है फैसला - XtroGuru
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सुप्रीम कोर्ट में बोली BJP- हम 7 दिन में बहुमत साबित करने को तैयार. 5 बजे आ सकता है फैसला

कर्नाटक में सरकार पर सस्पेंस अब भी बना हुआ है और मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है.राज्यपाल की ओर से भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया गया था, जिसके ख़िलाफ कांग्रेस और जेडीएस सुप्रीम कोर्ट चले गए. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पुष्टि की है कि शीर्ष कोर्ट देर रात 1:45 बजे मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है.

तीन जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी. ये जज हैं जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े.

बड़े अप्डेट्स….

04.16 AM: कर्नाटक पर सुबह पांच बजे फैसला सुना सकता है सुप्रीम कोर्ट.

04.15 AM: रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल का विशेषाधिकार कोर्ट से परे है. मेरे विचार से याचिका खारिज हो.

04.12 AM: पूर्व AG मुकुल रोहतगी ने याचिका खारिज करने की मांग की.

04.09 AM: याचिका दाखिल ही नहीं होनी चाहिए थी- अटॉर्नी जनरल

04.08 AM: अटॉर्नी जनरल बोले कि हमें नहीं पता फ्लोर टेस्ट में क्या होगा.

04.05 AM: अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कांग्रेस को फ्लोर टेस्ट का इंतजार करना चाहिए था.

04.03 AM: अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस मामले को बहुमत परिक्षण के बाद भी सुना जा सकता है.

04.02 AM: सुप्रीम कोर्ट में बोली BJP- हम 7 दिन में बहुमत साबित करने को तैयार.

04.01 AM: रोहतगी बोले- 7 दिन हों, 10 दिन या 15 दिन हम इसकी सुनवाई कल कर सकते हैं.

04.00 AM: रोहतगी बोले- इस मामले की सुनवाई टाली जा सकती है. जब एक दो दिन में सारे कागज़ आ जाएंगे तब कर सकते हैं.

03.58 AM: जस्टिस सीकरी- बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन क्यों?

अटॉर्नी जनरल- ये तो राज्यपाल का विवेक है.

जस्टिस सीकरी- तो वो फ्लोर टेस्ट में फेल हो सकते हैं?

अटॉर्नी जनरल- ये तो हमें नहीं पता.

जस्टिस सीकरी- लेकिन आपके नम्बर फिगर तो ऐसा नहीं कहते.

अटॉर्नी जनरल- अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है.

03.54 AM: जस्टिस सीकरी ने अटॉर्नी जनरल ने कहा- आपके पास बहुमत नहीं है.

03.52 AM: जस्टिस सीकरी ने कहा- हम राज्यपाल का नहीं, उनके काम का आकलन कर रहे हैं.

03.52 AM: जस्टिस सीकरी ने पूछा- BJP को कर्नाटक में 15 दिन क्या करने के लिए चाहिए?

03.51 AM: अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता नहीं.

03.49 AM: जस्टिस सीकरी ने अटॉर्नी जनरल से पूछा- अगर कोई विधायक की  शपथ लिए बिना दूसरे दल को सपोर्ट करना चाहे तो दलबदल कानून लागू होगा या नहीं? अटॉर्नी जनरल- शपथ से पहले लागू नहीं होगा.

03.47 AM: केके वेणुगोपाल ने कहा कि मुझे राज्यपाल की चिट्ठी के बारे में नहीं पता. मैं केंद्र की ओर से आया हूं.

03.45 AM: जस्टिस बोबडे ने एजी से पूछा- क्या मंत्रिमंडल से पहले विधायकों को शपथ दिलाई जा सकती है? एजी बोले- ऐसी परंपरा नहीं है. पहले मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल शपथ लेते हैं.

03.42 AM: मुकुल रोहतगी से कोर्ट ने बीजेपी के समर्थन की चिट्ठी मांगी. बोले- रात में सुनवाई नहीं होनी चाहिए. पिछली बार फांसी के मामले में सुनवाई हुई थी. मुझे तो बस एक फोन आया और मैं यहां आ गया.

03.39 AM: अटॉर्नी जनरल की दलील शुरू. केंद्र और राज्यपाल की ओर से देंगे दलील.

03.35 AM: जस्टिस सीकरी ने कहा- आप जो बीजेपी के सरकार दावे के बारे में कह रहे हैं, हो सकता है वह सच हो पर हम कैसे कैसे मान लें?

03.33 AM: सिंघवी ने कोर्ट से कहा- आप मेरिट पर फैसला करें. देश की सबसे बड़ी अदालत के तीन जज रात के दो बजे से ये अहम मामला सुन रहे हैं. लोकतंत्र निश्चिंत है.

03.31 AM: सिंघवी ने कहा- कर्नाटक में शपथ ग्रहण परसों भी तो हो सकता है.

03.21 AM: सिंघवी ने कहा- शपथ ग्रहण को रोकें, इससे राज्यपाल के आदेश में हस्तक्षेप नहीं होगा.

03.18 AM: सिंघवी ने कहा- अगर यह कोर्ट संविधान की धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन को रोक सकता है तो राज्यपाल के आदेश को क्यों नहीं?

03.14 AM: कोर्ट ने केस की मेरिट की सवाल पर उठाए. सिंघवी से कहा- आपके पास राज्यपाल की बीजेपी को शपथ ग्रहण की दी गई चिट्ठी ही नहीं तो कैसे दलील सुनें?

03.14 AM: कोर्ट ने केस की मेरिट की सवाल पर उठाए.

03.13 AM: जस्टिस सीकरी ने सिंघवी से कहा- हम इस मामले में कैसे हस्तक्षेप करें? आपके पास तो सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली चिट्ठी भी नहीं है.

03.12 AM: मुकुल रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल को पार्टी नहीं बनाया जा सकता है.

03.10 AM: सिंघवी का सवाल- शपथ ग्रहण करवाने के लिए राज्यपाल की ओर से इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई गई?

03.03 AM: सिंघवी की दलील- राज्यपाल के विशेषधिकार भी ज्यूडिशियल रिव्यू के दायरे में आते हैं.

03.00 AM: सिंघवी ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी लेकिन AAP और कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बुलाया गया और जम्मू-कश्मीर में एनसीपी सबसे बड़ी पार्टी थी लेकिन बीजेपी और पीडीपी ने सरकार बनाई.

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